
अक्षय तृतीया 2025: शुभ मुहूर्त, महत्व व इतिहास (Akshay Tritiya 2025: Shubh Muhurat, Mahatva Aur Itihas): सनातन धर्म में अक्षय तृतीया को अत्यंत शुभ और मंगलकारी दिन माना जाता है। यह पवित्र तिथि न केवल धार्मिक बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। अक्षय तृतीया को “अखण्ड पुण्य प्रदान करने वाली तिथि” कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल अनंतकाल तक अक्षय रहता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि अक्षय तृतीया क्या है और इसका महत्व क्यों इतना अधिक है? इस विशेष दिन को कौन-कौन से कार्य करने चाहिए, जिससे सुख-समृद्धि प्राप्त हो? यदि आप अक्षय तृतीया 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त की जानकारी चाहते हैं, तो यह जानना आवश्यक है कि इस पर्व का निर्धारण हिंदू पंचांग के अनुसार कैसे किया जाता है। क्या इस दिन विशेष पूजन विधि या परंपराएं हैं, जिनका पालन करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है? साथ ही, अक्षय तृतीया का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व क्या है? क्या यह दिन केवल दान-पुण्य के लिए प्रसिद्ध है, या इसके पीछे कोई गहरी आध्यात्मिक कथा भी जुड़ी हुई है?
इस लेख में हम आपको अक्षय तृतीया 2025 की पूरी जानकारी देंगे इसकी तिथि, शुभ मुहूर्त, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व, और इस दिन किए जाने वाले शुभ कार्यों के बारे में विस्तार से बताएंगे……
यह भी पढ़ें :- अप्रैल में कब मनाई जाएगी रामनवमी जानिए सही तिथि शुभ मुहूर्त
अक्षय तृतीया क्या है? | Akshaya Tritiya Kya Hai?
अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya 2025) हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। यह दिन “अक्षय” शब्द के अनुसार अटूट और अनंत शुभता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता। लोग इस दिन नए व्यवसाय शुरू करते हैं, सोना-चांदी खरीदते हैं, और दान-पुण्य करते हैं। यह त्योहार भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा से जुड़ा है। कहा जाता है कि इसी दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था और महाभारत का लेखन शुरू हुआ था।
अक्षय तृतीया 2025 कब है? | Akshaya Tritiya 2025 Kab Hai?
अक्षय तृतीया 2025 (Akshaya Tritiya 2025) में 30 अप्रैल, बुधवार को मनाई जाएगी। यह तिथि वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर आती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह दिन बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है। इस दिन सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक का समय अत्यंत शुभ माना जाता है, और लोग इस दिन विशेष पूजा-अर्चना और शुभ कार्य करते हैं।
यह भी पढ़ें :- राम नवमी इन गानों के साथ डूबे राघव भक्ति में और मनाएं त्योहार
अक्षय तृतीया 2025 का शुभ मुहूर्त क्या है? | Akshaya Tritiya 2025 Ka Shubh Muhurat Kya Hai?
विवरण | शुभ समय | महत्व |
अक्षय तृतीया 2025 | 30 अप्रैल, बुधवार | शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन |
शुभ मुहूर्त | 05:39 बजे से 12:18 बजे तक | पूजन, सोना खरीदारी, दान के लिए श्रेष्ठ |
तृतीया तिथि | 30 अप्रैल 05:39 बजे से 1 मई 07:47 बजे तक | पूरे दिन शुभ प्रभाव |
अक्षय तृतीया का इतिहास क्या है? | Akshaya Tritiya Ka Itihas Kya Hai?
अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) का इतिहास हिंदू धर्म और पौराणिक कथाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। इस दिन को लेकर कई मान्यताएं और कथाएं प्रचलित हैं। एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। परशुराम जी को शस्त्र विद्या और धर्म की रक्षा के लिए जाना जाता है।
एक अन्य कथा के अनुसार, महाभारत (Mahabharat) काल में जब पांडवों को वनवास हुआ था, तब उन्हें भगवान कृष्ण ने अक्षय पात्र दिया था। यह पात्र इसी दिन प्राप्त हुआ था, जिससे उनकी भूख हमेशा शांत हो जाती थी। इसके अलावा, इसी दिन वेद व्यास जी और भगवान गणेश ने महाभारत का लेखन शुरू किया था।
जैन धर्म में भी अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है। इस दिन जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव ने तपस्या के बाद अपना पहला आहार ग्रहण किया था। इसलिए जैन समुदाय के लोग भी इस दिन को बहुत श्रद्धा से मनाते हैं।
इस प्रकार, अक्षय तृतीया का इतिहास धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व से भरा हुआ है। यह दिन न केवल शुभ कार्यों के लिए बल्कि आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी माना जाता है।
यह भी पढ़ें :- कन्या राशि वालों के लिए कौन सा दिन है, सबसे शुभ? जानिए राशिफल और सफलता के रहस्य!
अक्षय तृतीया का महत्व क्या है? | Akshaya Tritiya Ka Mahatva Kya Hai?
- शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन: अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) को शुभ कार्यों के लिए सबसे अच्छा दिन माना जाता है। इस दिन नए व्यवसाय शुरू करना, सोना-चांदी खरीदना, और विवाह जैसे शुभ कार्य करने से अनंत फल की प्राप्ति होती है।
- धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व: यह दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा से जुड़ा है। इस दिन दान-पुण्य करने से व्यक्ति को पुण्य और आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व: अक्षय तृतीया का संबंध भगवान परशुराम के जन्म, महाभारत के लेखन और जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर से है। यह दिन धर्म, संस्कृति और इतिहास का प्रतीक है।
Conclusion:-Akshay Tritiya 2025
हम आशा करते है कि हमारे द्वारा लिखा गया (अक्षय तृतीया 2025 शुभ मुहूर्त, महत्व व इतिहास) यह लेख आपको पसंद आया होगा। अगर आपके पास किसी भी तरह का सवाल या सुझाव है तो कमेंट बॉक्स में जरुर दर्ज करें, हम जल्द से जल्द जवाब देने का प्रयास करेंगे। बाकि ऐसे ही रोमांचक लेख के लिए हमारी वेबसाइट जन भक्ति पर दोबारा विज़िट करें, धन्यवाद
FAQ’s:-Akshay Tritiya 2025
Q. अक्षय तृतीया क्या है?
Ans. अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya 2025) हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता।
Q. अक्षय तृतीया 2025 कब है?
Ans. अक्षय तृतीया 2025 में 30 अप्रैल, बुधवार को मनाई जाएगी। यह तिथि हिंदू पंचांग में अत्यंत शुभ मानी जाती है।
Q. अक्षय तृतीया 2025 का शुभ मुहूर्त क्या है?
Ans. अक्षय तृतीया 2025 (Akshaya Tritiya 2025) का शुभ मुहूर्त 30 अप्रैल को सुबह 05:39 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक रहेगा, जो पूजन और दान-पुण्य के लिए श्रेष्ठ है।
Q. अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्व क्या है?
Ans. इस दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। दान-पुण्य करने से व्यक्ति को अक्षय फल की प्राप्ति होती है।
Q. अक्षय तृतीया का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
Ans. इस दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था, महाभारत का लेखन प्रारंभ हुआ था और पांडवों को अक्षय पात्र प्राप्त हुआ था।
Q. जैन धर्म में अक्षय तृतीया का क्या महत्व है?
Ans. जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव ने इस दिन तपस्या के बाद अपना पहला आहार ग्रहण किया था, इसलिए इसे विशेष रूप से मनाया जाता है।