
विजयदशमी 2025: सही तिथि, शुभ मुहूर्त एवं महत्व: विजयदशमी (Dussehra 2025), जिसे दशहरा के नाम से जाना जाता है, भारत का एक प्रमुख पर्व है जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। हर साल अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाए जाने वाला यह पर्व लाखों श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। लेकिन दशहरा क्या है, और इसकी ऐतिहासिक एवं धार्मिक मान्यताएं क्या हैं? 2025 में दशहरा कब पड़ेगा, और इस दिन का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा? यह त्योहार केवल रामायण में भगवान श्रीराम द्वारा रावण वध की याद दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पक्ष भी उतना ही गहरा है।
भारत के विभिन्न हिस्सों में इसे अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है, जिससे इसकी भव्यता और महत्व और बढ़ जाता है। आखिर क्यों यह पर्व इतना विशेष माना जाता है, और इसकी परंपराओं का समाज में क्या प्रभाव है? यह लेख इन सभी सवालों के जवाब देने के लिए है।
विजयदशमी के पावन त्योहार से संबंधित इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए हमारे इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें….
दशहरा क्या है? | Dussehra kya Hai?

दशहरा (Dussehra), जिसे विजयादशमी (Vijayadashami) भी कहा जाता है, भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह हर साल अश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। यह त्योहार भगवान राम द्वारा रावण पर विजय प्राप्त करने की याद में मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन लोग रावण, मेघनाथ और कुम्भकर्ण के पुतले जलाते हैं, जो बुराई के प्रतीक माने जाते हैं। दशहरा न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है। इस दिन लोग एक-दूसरे को बधाई देते हैं और नए कपड़े पहनकर उत्सव मनाते हैं।
दशहरा 2025 में कब है? | Dussehra 2025 Mein kab Hai?
2025 में दशहरा (Dusseha) एक विशेष संयोग लेकर आ रहा है, क्योंकि इस वर्ष यह पर्व 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा, जो कि महात्मा गांधी जयंती के साथ पड़ रहा है। दशमी तिथि की अवधि 1 अक्टूबर की शाम 7 बजे से प्रारंभ होकर 2 अक्टूबर की शाम 7 बजकर 10 मिनट तक होगी। इस दिव्य अवसर पर बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीकस्वरूप रावण दहन किया जाएगा, वहीं गांधी जी की जयंती अहिंसा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देगी।
दशहरा का शुभ मुहूर्त क्या है? | Dussehra ka Shubh Muhurat kya Hai?
घटना | तारीख | समय |
दशमी तिथि प्रारंभ | 1 अक्टूबर 2025 | शाम 7:00 बजे |
दशमी तिथि समाप्त | 2 अक्टूबर 2025 | शाम 7:10 बजे |
रावण दहन मुहूर्त | दशमी तिथि प्रारंभ | (शुभ समय के अनुसार) |
दशहरा का महत्व क्या है? | Dussehra ka Mahatva kya Hai?
- बुराई पर अच्छाई की जीत: दशहरा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। यह भगवान राम की रावण पर विजय की कहानी को दर्शाता है, जो हमें यह सिखाता है कि सच्चाई और धर्म हमेशा विजयी होते हैं।
- सामाजिक एकता: यह त्योहार समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देता है। लोग एक साथ मिलकर इस पर्व को मनाते हैं, जिससे आपसी संबंध मजबूत होते हैं और सामुदायिक भावना बढ़ती है।
- धार्मिक अनुष्ठान: दशहरा के दिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं, जैसे पूजा, हवन और रावण दहन। ये अनुष्ठान न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं।
Conclusion
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FAQ’s:-Dussehra 2025
Q. दशहरा कब मनाया जाता है?
Ans. दशहरा हर साल अश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है, जो आमतौर पर सितंबर या अक्टूबर में पड़ती है।
Q. 2025 में दशहरा किस तारीख को है?
Ans. 2025 में दशहरा 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा, जो महात्मा गांधी जयंती के साथ संयोग बना रहा है।
Q. दशहरा क्यों मनाया जाता है?
Ans. दशहरा भगवान राम द्वारा रावण पर विजय प्राप्त करने की याद में मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
Q. 2025 में दशमी तिथि कब से कब तक रहेगी?
Ans. 2025 में दशमी तिथि 1 अक्टूबर की शाम 7:00 बजे से शुरू होकर 2 अक्टूबर की शाम 7:10 बजे तक रहेगी।
Q. दशहरा का मुख्य अनुष्ठान क्या है?
Ans. दशहरा (Dussehra) पर रावण, मेघनाथ और कुम्भकर्ण के पुतले जलाए जाते हैं, जो बुराई के अंत और अच्छाई की जीत का प्रतीक होते हैं।
Q. दशहरा का धार्मिक महत्व क्या है?
Ans. यह त्योहार सत्य, धर्म और न्याय की जीत का संदेश देता है और हमें बताता है कि अच्छाई हमेशा बुराई पर विजय प्राप्त करती है।